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  • 11
  • July

आर्द्रा नक्षत्र

६) आर्द्रा
नक्षत्र: आर्द्रा
नक्षत्र देवता : रुद्र (शिव)
नक्षत्र स्वामी : राहु
नक्षत्र आराध्य वृक्ष : कृष्णागरू,काला तेंदू
राशी व्याप्ती : ४ हि चरण मिथुन राशीमध्ये
नक्षत्र प्राणी : कुत्रा
नक्षत्र तत्व : जल
नक्षत्र स्वभाव : तीक्ष्ण

नक्षत्र देवता नाममंत्र :- ॐ रुद्राय नमः l

नक्षत्र नाम मंत्र :- ॐ आर्द्रायै नमःl

वेद मंत्र

ॐ नमस्ते रूद्र मन्यवSउतोत इषवे नम: बाहुभ्यां मुतते नम: ।
ॐ रुद्राय नम: ।

पौराणिक मंत्र :

रुद्र श्वेतो वृशारूढः श्वेतमाल्यश्चतुर्भुजःl
शूलखड्गाभयवरान्दधानो मे प्रसीदतु ll

आर्द्रा नक्षत्र के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातक जिज्ञासु प्रवृति के होते हैं तथा इनमें विश्लेषण करने की क्षमता भी प्रबल होती है। आर्द्रा के जातक प्रत्येक मामले की जड़ तक जाने की चेष्टा करते हैं तथा इन्हें प्रत्येक मामले के छोटे से छोटे पक्ष के बारे में भी जानकारी रखने की आदत होती है।

आर्द्रा के जातकों की मानसिक स्थिति बहुत तीव्रता के साथ बदल सकती है जिसके चलते ये जातक कई बार अप्रत्याशित हो जाते हैं। ऐसे जातक बहुत शीघ्रता के साथ ही उग्र हो जाते हैं तथा कई बार अपनी इस उग्रता के चलते ये जातक दूसरे व्यक्ति को हानि भी पहुंचा देते हैं।

आर्द्रा के जातक सामान्य तौर पर वीर होते हैं तथा ये जातक किसी का सामना करने के लिए, वाद विवाद करने के लिए, तर्क वितर्क करने के लिए, लड़ाई झगड़ा करने के लिए तथा युद्ध करने के लिए भी तत्पर रहते हैं। आर्द्रा के जातक खोजी प्रवृति के होते हैं तथा साथ ही साथ ये जातक अच्छे निरीक्षक तथा समीक्षक भी होते हैं। आर्द्रा नक्षत्र के जातकों की आंखें आम तौर पर बड़ी होतीं हैं तथा ये जातक अपनी भेद जाने वाली दृष्टि से सामने आने वाले व्यक्ति को इस प्रकार देखते हैं जैसे एक ही दृष्टि में उसका पूरा निरीक्षण करके उसका सारा भेद जान लेंगे।

आर्द्रा के जातक सामाजिक शिष्टाचार तथा औपचारिकताओं की ओर विशेष ध्यान नहीं देते तथा अपने काम में बिना किसी के बुरा मानने की चिंता किए लगे रहते हैं। इन जातकों को इस बात की तनिक भी चिंता नहीं होती कि इनके आस पास के लोग तथा समाज इनके किसी कार्य से इनके बारे में क्या राय बना सकता है।

आर्द्रा नक्षत्र के जातक अपनी तार्किक प्रवृति के चलते कई प्रकार के विवादों में फंस जाते हैं तथा इनके कई शत्रु भी बन जाते हैं किन्तु आर्द्रा के अधिकतर जातक न तो अपने स्वभाव को बदलने की कोशिश करते हैं तथा न ही अपने शत्रुओं के साथ किसी प्रकार की संधि करने में विश्वास रखते हैं।