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  • 07
  • July

कृतिका

३) कृतिका

नक्षत्र: कृतिका
नक्षत्र देवता : अग्नी
नक्षत्र स्वामी : रवि
नक्षत्र आराध्य वृक्ष : उंबर, औदुंबर
राशी व्याप्ती : १ले चरण मेष राशीमध्ये,
बाकीचे ३ चरण वृषभ राशीमध्ये
नक्षत्र प्राणी: बकरी
नक्षत्र तत्व :अग्नी
नक्षत्र स्वभाव : क्रूर

नक्षत्र देवता नाममंत्र:- ॐ आग्नेय नमः l

नक्षत्र नाम मंत्र :ॐ कृतिकाभ्यो नमः

वेद मंत्र

ॐ अयमग्नि सहत्रिणो वाजस्य शांति गवं
वनस्पति: मूर्द्धा कबोरीणाम । ॐ अग्नये नम: ।

पौराणिक मंत्र:

कृतिका देवतामाग्निं मेशवाहनं संस्थितम् l
स्त्रुक् स्तुवाभीतिवरधृक्सप्तहस्तं नमाम्यहम् ll

मध्यम व लम्बा कद, बडी़ नाक, मजबूत व मोटी गर्दन, कंधे चौड़े, पुष्ट मांसपेशियाँ व सुघड़ शरीर, शांत मुखाकृति लिए हुए, सुंदर एवं आकर्षक व्यक्तित्व का होता है.

कृतिका नक्षत्र में जन्मे जातक अपनी एक अलग पहचान बनाकर रखते हैं. ये भीड़ में भी अलग दिखाई देते हैं. इनके चेहरे पर तेज दिखाई देता है. ये सभा में छाए रहते हैं और बहुत बुद्धिमान होते हैं. व्यक्ति धार्मिक आचरण का पालन करने वाला होता है. दान इत्यादि परमार्थ के कार्यों में इनका मन अधिक रम सकता है.

ये संस्कार युक्त विचारों वाले होते हैं. स्वाध्याय में लगे रहते हैं. कुलीन होते हैं और कुल के अनुसार ही कार्य करते हैं. कृतिका नक्षत्र जातकों की विशेषता होती है कि ये जीवन में आर्थिक रुप से बेहतर धन कमा लेते हैं. अपने कार्य में कुशल होते हैं. काम में अनुशासन बरतने वाले होते हैं. स्वाभिमानी व्यक्तित्व के होते हैं. इनके स्वभाव में तीक्ष्णता होती है. ये बहुत जल्दी तुनक जाते हैं. ये प्रसिद्धि पाते हैं. इनमें लगन अत्याधिक होती है.

स्त्री प्रसँग के शौकीन होते हैं. यदि किसी जातक की कुण्डली में कृतिका नक्षत्र पीड़ित हो, तब वह परस्त्रीगामी हो सकता है. झूठ बोलने की व्यक्ति को आदत हो सकती है. बिना कारण घूमना इन्हें अच्छा लगता है. इनकी वाणी कठोर होती है, ये निन्दित कार्य करने वाले व्यक्ति हो सकते हैं.

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